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23/05/2011 |
शेतकरी संघटक |
२१ मार्च २०११ - अंक २४ - वर्ष २७ |
संपादक |
4,019 |
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23/05/2011 |
शेतकरी संघटक |
६ एप्रिल २०११- अंक १ - वर्ष २८ |
संपादक |
3,897 |
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23/05/2011 |
शेतकरी संघटक |
२१ एप्रिल २०११ - अंक २ - वर्ष २८ |
श्रीकान्त झाडे |
10,413 |
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23/05/2011 |
देशाटन |
श्री क्षेत्र रावेरी, जगातील एकमेव सीतामंदीर : भाग -१ |
admin |
16,062 |
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23/05/2011 |
शेतकरी संघटना |
शेतकरी प्रकाशन |
गंगाधर मुटे |
11,957 |
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23/05/2011 |
मदतपुस्तिका |
मराठीत कसे लिहावे? |
admin |
9,049 |
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23/05/2011 |
मदतपुस्तिका |
विचारपूस |
admin |
35,727 |
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23/05/2011 |
संपादकीय |
उद्देश आणि भूमिका |
संपादक |
38,664 |
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23/05/2011 |
व्यवस्थापन |
नियमावली |
admin |
22,352 |
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23/05/2011 |
व्यवस्थापन |
शरद जोशी |
admin |
20,209 |
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23/05/2011 |
वांगे अमर रहे |
शेतकरी पात्रता निकष |
गंगाधर मुटे |
11,853 |
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23/05/2011 |
व्यवस्थापन |
शुभारंभ |
संपादक |
67,412 |
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23/05/2011 |
मदतपुस्तिका |
सदस्यत्व कसे घ्यावे? |
admin |
11,960 |
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25/05/2011 |
शेतकरी गीत |
आता उठवू सारे रान |
संपादक |
7,372 |
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25/05/2011 |
शेतकरी गीत |
मेरे देश की धरती |
संपादक |
4,777 |
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26/05/2011 |
शेतकरी विचारमंथन |
गरीबी कशामुळे? |
पाखरू |
18,008 |
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27/05/2011 |
गद्यलेखन |
‘होऊ दे रे आबादानी’च्या निमित्ताने |
डॉ.श्रीकृष्ण राऊत |
11,570 |
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29/05/2011 |
वांगे अमर रहे |
हत्या करायला शीक |
गंगाधर मुटे |
10,360 |
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31/05/2011 |
शेतकरी गीत |
उषःकाल होता होता |
संपादक |
5,093 |
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01/06/2011 |
शेतकरी संघटना |
प्रस्तावित सिलींग कायदा हेच शेतीवरचे मोठे संकट - शरद जोशी |
संपादक |
13,353 |
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07/06/2011 |
शेतकरी संघटक |
२१ मे २०११ - अंक ४ - वर्ष २८ |
संपादक |
3,850 |
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08/06/2011 |
आंदोलन |
रामदेवबाबांना पाठींबा |
Akshay |
3,698 |
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12/09/2010 |
रानमेवा |
गणपतीची आरती ॥३५॥ |
गंगाधर मुटे |
33,814 |
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11/06/2011 |
लेखनस्पर्धा-२०१५ |
बरं झाल देवा बाप्पा...!! |
गंगाधर मुटे |
17,244 |
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11/06/2011 |
रानमेवा |
पराक्रमी असा मी |
गंगाधर मुटे |
8,561 |
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11/06/2009 |
रानमेवा |
पहाटे पहाटे तुला जाग आली : विनोदी कविता ॥२५॥ |
गंगाधर मुटे |
22,049 |
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13/06/2011 |
वांगे अमर रहे |
कुलगुरू साहेब, आव्हान स्वीकारा....! |
गंगाधर मुटे |
41,305 |
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13/06/2011 |
काव्यधारा |
एवढा मोठा नांगूर... |
नांगूर |
12,501 |
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15/06/2011 |
रानमेवा |
मग हव्या कशाला सलवारी |
गंगाधर मुटे |
5,120 |
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24/02/2010 |
रानमेवा |
सलाम नाबाद २००! - तुंबडीगीत ॥३३॥ |
गंगाधर मुटे |
12,640 |
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07/07/2010 |
रानमेवा शेतीकाव्य |
नाचू द्या गं मला : लावणी ॥२६॥ |
गंगाधर मुटे |
11,537 |
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15/06/2011 |
रानमेवा शेतीकाव्य |
रानमेवा खाऊ चला....! |
गंगाधर मुटे |
4,502 |
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14/08/2010 |
रानमेवा शेतीकाव्य |
मोरा मोरा नाच रे : बालगीत ।।१७।। |
गंगाधर मुटे |
10,481 |
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09/02/2010 |
रानमेवा |
श्याम सावळासा - अंगाई गीत ।।११।। |
गंगाधर मुटे |
13,682 |
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16/06/2011 |
रानमेवा |
हे रान निर्भय अता |
गंगाधर मुटे |
3,449 |
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16/06/2011 |
रानमेवा |
चंद्रवदना |
गंगाधर मुटे |
3,547 |
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16/06/2011 |
रानमेवा |
पुढे चला रे.... |
गंगाधर मुटे |
3,247 |
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16/06/2011 |
रानमेवा |
कुंडलीने घात केला |
गंगाधर मुटे |
3,827 |
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16/06/2011 |
रानमेवा |
कविता म्हणू प्रियेला |
गंगाधर मुटे |
3,941 |
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16/06/2011 |
रानमेवा |
मुकी असेल वाचा |
गंगाधर मुटे |
3,231 |
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16/06/2011 |
रानमेवा |
वाघास दात नाही |
गंगाधर मुटे |
3,434 |
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17/06/2011 |
रानमेवा |
भक्तीविभोर....!! |
गंगाधर मुटे |
3,494 |
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17/06/2011 |
रानमेवा |
रूप सज्जनाचे |
गंगाधर मुटे |
8,321 |
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17/06/2011 |
रानमेवा |
हे खेळ संचिताचे .....! |
गंगाधर मुटे |
3,348 |
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17/06/2011 |
रानमेवा |
घुटमळते मन अधांतरी |
गंगाधर मुटे |
3,664 |
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17/06/2011 |
रानमेवा |
आभास मीलनाचा.. |
गंगाधर मुटे |
3,628 |
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17/06/2011 |
रानमेवा |
गोचिडांची मौजमस्ती |
गंगाधर मुटे |
3,532 |
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17/06/2011 |
रानमेवा |
स्वप्नसुंदरी |
गंगाधर मुटे |
4,371 |
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17/06/2011 |
रानमेवा |
सत्ते तुझ्या चवीने |
गंगाधर मुटे |
4,098 |
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17/06/2011 |
रानमेवा |
अय्याशखोर |
गंगाधर मुटे |
3,816 |
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17/06/2011 |
रानमेवा |
कान पिळलेच नाही |
गंगाधर मुटे |
3,384 |
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17/06/2011 |
रानमेवा |
सूडाग्नीच्या वाटेवर |
गंगाधर मुटे |
3,453 |
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18/06/2011 |
रानमेवा |
घट अमृताचा |
गंगाधर मुटे |
3,411 |
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01/03/2010 |
रानमेवा |
प्राक्तन फ़िदाच झाले : गझल ॥२४॥ |
गंगाधर मुटे |
7,380 |
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18/06/2011 |
रानमेवा |
अंगार चित्तवेधी |
गंगाधर मुटे |
3,760 |
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18/06/2011 |
रानमेवा शेतीकाव्य |
स्मशानात जागा हवी तेवढी |
गंगाधर मुटे |
3,746 |
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18/06/2011 |
रानमेवा शेतीकाव्य |
कसे अंकुरावे अता ते बियाणे? |
गंगाधर मुटे |
4,183 |
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18/06/2011 |
रानमेवा |
तरी हुंदक्यांना गिळावे किती? |
गंगाधर मुटे |
3,578 |
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18/06/2011 |
रानमेवा |
हिशेबाची माय मेली? |
गंगाधर मुटे |
3,203 |
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18/06/2011 |
रानमेवा |
खाया उठली महागाई |
गंगाधर मुटे |
9,387 |