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18/06/2011 |
रानमेवा |
झ्यामल-झ्यामल |
गंगाधर मुटे |
8,079 |
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18/06/2011 |
रानमेवा |
लकस-फ़कस |
गंगाधर मुटे |
7,623 |
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18/06/2011 |
रानमेवा |
चापलूस चमचा |
गंगाधर मुटे |
8,355 |
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18/06/2011 |
रानमेवा |
विदर्भाचा उन्हाळा |
गंगाधर मुटे |
7,428 |
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18/06/2011 |
रानमेवा |
आंब्याच्या झाडाले वांगे |
गंगाधर मुटे |
5,706 |
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19/06/2011 |
रानमेवा शेतीकाव्य |
धकव रं श्यामराव |
गंगाधर मुटे |
3,842 |
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19/06/2011 |
रानमेवा |
छातीचं झाकण बोम्लीवर आलं |
गंगाधर मुटे |
5,650 |
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19/06/2011 |
रानमेवा |
कुठे बुडाला चरखा? |
गंगाधर मुटे |
3,771 |
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21/01/2010 |
रानमेवा |
बिपाशाले लुगडं : नागपुरी तडका ॥२०॥ |
गंगाधर मुटे |
13,066 |
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03/06/2010 |
रानमेवा |
नाकानं कांदे सोलतोस किती : नागपुरी तडका ॥३०॥ |
गंगाधर मुटे |
13,469 |
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20/06/2011 |
रानमेवा |
मी गेल्यावर ....? |
गंगाधर मुटे |
3,029 |
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20/06/2011 |
रानमेवा |
शल्य एका कवीचे |
गंगाधर मुटे |
7,639 |
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20/06/2011 |
रानमेवा |
तू हसलीस ... |
गंगाधर मुटे |
3,892 |
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20/06/2011 |
रानमेवा |
नशा स्वदेशीची...!! |
गंगाधर मुटे |
3,589 |
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20/06/2011 |
रानमेवा |
फ़ुलझडी..........!!!! |
गंगाधर मुटे |
2,983 |
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20/06/2011 |
रानमेवा |
सरबत...... प्रेमाच्या नात्याचं |
गंगाधर मुटे |
3,551 |
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20/06/2011 |
रानमेवा |
अट्टल चोरटा मी........!! |
गंगाधर मुटे |
3,681 |
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15/08/2010 |
रानमेवा शेतीकाव्य |
गंधवार्ता : महादीर्घकाव्य ॥२९॥ |
गंगाधर मुटे |
8,996 |
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20/06/2011 |
रानमेवा |
दोन मूठ राख |
गंगाधर मुटे |
2,963 |
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20/06/2011 |
रानमेवा |
कथा एका आत्मबोधाची...!! |
गंगाधर मुटे |
3,864 |
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14/08/2010 |
रानमेवा शेतीकाव्य |
हक्कदार लाल किल्ल्याचे ॥२८॥ |
गंगाधर मुटे |
13,770 |
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20/06/2011 |
रानमेवा शेतीकाव्य |
चाहूल नवःउषेची |
गंगाधर मुटे |
3,456 |
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20/06/2011 |
रानमेवा |
घायाळ पाखरांस .. |
गंगाधर मुटे |
3,462 |
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20/06/2011 |
रानमेवा |
विलाप लोकसंख्येचा .. |
गंगाधर मुटे |
3,007 |
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20/06/2011 |
रानमेवा |
हे गणराज्य की धनराज्य? |
गंगाधर मुटे |
11,884 |
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20/06/2011 |
रानमेवा |
शुभहस्ते पुजा : अभंग ।।५।। |
गंगाधर मुटे |
8,834 |
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20/06/2011 |
रानमेवा |
पंढरीचा राया : अभंग ।।६।। |
गंगाधर मुटे |
7,913 |
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20/06/2011 |
रानमेवा |
श्री गणराया - ।।२।। |
गंगाधर मुटे |
9,482 |
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22/06/2011 |
रानमेवा शेतीकाव्य |
रे नववर्षा |
गंगाधर मुटे |
16,843 |
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22/06/2011 |
रानमेवा शेतीकाव्य |
ऊठ ऊठ शेतकरी बाळा |
गंगाधर मुटे |
9,810 |
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22/06/2011 |
रानमेवा |
जरासे गार्हाणे |
गंगाधर मुटे |
2,936 |
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22/06/2011 |
रानमेवा |
मांसाहार जिंदाबाद ...!! |
गंगाधर मुटे |
8,296 |
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22/06/2011 |
रानमेवा शेतीकाव्य |
नंदनवन फ़ुलले ...!! |
गंगाधर मुटे |
3,888 |
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22/06/2011 |
रानमेवा |
तू तसा - मी असा |
गंगाधर मुटे |
3,168 |
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22/06/2011 |
रानमेवा |
माणूस |
गंगाधर मुटे |
3,831 |
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22/06/2011 |
रानमेवा |
अंगावरती पाजेचिना....!! |
गंगाधर मुटे |
3,480 |
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22/06/2011 |
रानमेवा |
बायोडाटा..!! |
गंगाधर मुटे |
3,900 |
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22/06/2011 |
रानमेवा शेतीकाव्य |
शेतकरी मर्दानी...! |
गंगाधर मुटे |
10,510 |
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22/06/2011 |
शेतकरी संघटक |
६ जून २०११ - अंक ५ - वर्ष २८ |
संपादक |
4,733 |
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22/06/2011 |
शेतकरी संघटक |
२१ जून २०११ - अंक ६ - वर्ष २८ |
संपादक |
3,862 |
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22/06/2011 |
रानमेवा शेतीकाव्य |
रे जाग यौवना रे....!! |
गंगाधर मुटे |
7,537 |
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02/01/2010 |
रानमेवा |
हवी कशाला मग तलवार ? : कविता ।।१३।। |
गंगाधर मुटे |
7,933 |
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22/06/2011 |
रानमेवा शेतीकाव्य |
औंदाचा पाऊस |
गंगाधर मुटे |
9,954 |
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22/06/2011 |
रानमेवा |
नाते ऋणानुबंधाचे.. |
गंगाधर मुटे |
3,421 |
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22/06/2011 |
रानमेवा शेतीकाव्य |
आईचं छप्पर ।।१०।। |
गंगाधर मुटे |
17,229 |
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22/06/2011 |
रानमेवा शेतीकाव्य |
हताश औदुंबर |
गंगाधर मुटे |
8,186 |
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22/06/2011 |
रानमेवा शेतीकाव्य |
सजणीचे रूप : अभंग ।।३।। |
गंगाधर मुटे |
11,128 |
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22/06/2011 |
रानमेवा शेतीकाव्य |
बळीराजाचे ध्यान : अभंग ।।४।। |
गंगाधर मुटे |
11,910 |
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22/06/2011 |
रानमेवा |
माय मराठीचे श्लोक...!! |
गंगाधर मुटे |
8,524 |
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14/08/2010 |
रानमेवा |
गगनावरी तिरंगा - ॥२१॥ |
गंगाधर मुटे |
15,516 |
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22/06/2011 |
रानमेवा |
श्रीगणेशा - ।।१।। |
गंगाधर मुटे |
8,697 |
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23/06/2011 |
रानमेवा |
एक “अनुभवसिद्ध रानमेवा" |
प्रकाश महाराज वाघ |
3,329 |
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23/06/2011 |
रानमेवा |
अनुभवांची शिदोरी आणि सृजनशीलतेची समृद्धी |
अलका काटदरे |
3,941 |
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23/06/2011 |
रानमेवा |
अभ्यासपूर्ण आणि अस्सल काव्य |
अनिलमतिवडे |
3,715 |
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23/06/2011 |
रानमेवा |
लिखाण अतिशय प्रामाणिक |
जयश्री अंबासकर |
3,619 |
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23/06/2011 |
रानमेवा |
सडेतोड लेखणीतून वास्तवचित्र |
डॉ भारत करडक |
3,353 |
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23/06/2011 |
रानमेवा |
लिखाणामधे खूप विविधता |
स्वप्नाली |
3,562 |
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23/06/2011 |
रानमेवा |
चाकोरीबाहेरचं लिहायचा प्रयास |
गिरीश कुलकर्णी |
3,403 |
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23/06/2011 |
रानमेवा |
विचार- सरणीचं अचूक दर्शन |
छाया देसाई |
3,363 |
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23/06/2011 |
रानमेवा |
सर्वच कविता वाचनीय |
मुकुंद कर्णिक |
3,976 |