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| प्रकाशन दिनांक | शीर्षक | लेखक | वाचने | |
|---|---|---|---|---|
| 24-09-24 | कर्जबाजारी | Vaishnavi nirmal | 1,334 | |
| 23-09-24 | पुढचं पाऊल | Vaishnavi nirmal | 1,033 | |
| 23-09-24 | कर्जबाजारी | Vaishnavi nirmal | 1,104 | |
| 23-09-24 | शेतमालाचा भाव- एक शोध निबंध | डॉ दिग्विजय जाधव | 1,697 | |
| 23-09-24 | कृषिप्रधान देशातील हतबल शेतकरी | Vaishnavi nirmal | 2,681 | |
| 23-09-24 | हारासी | NILESHDESHMUKH | 967 | |
| 23-09-24 | बळी-राजा | डॉ दिग्विजय जाधव | 1,838 | |
| 23-09-24 | शेतमालाचे भाव एक स्वप्न ? | rajendraphand | 1,210 | |
| 23-09-24 | शेतमालाचे भाव एक स्वप्न ? | rajendraphand | 1,327 | |
| 23-09-24 | शेतमालाला भावच नाही | Liladhardawande786 | 1,240 | |
| 23-09-24 | संघर्ष | MAHESH VASANTRA... | 1,172 | |
| 22-09-24 | सातबारा..... गझल | Ajit1980 | 1,055 | |
| 23-02-13 | नागपुरी तडका - ई पुस्तक | गंगाधर मुटे | 100,097 | |
| 02-01-10 | हवी कशाला मग तलवार ? : कविता ।।१३।। | गंगाधर मुटे | 6,426 | |
| 22-06-11 | आईचं छप्पर ।।१०।। | गंगाधर मुटे | 13,961 | |
| 14-08-10 | गगनावरी तिरंगा - ॥२१॥ | गंगाधर मुटे | 13,218 | |
| 10-07-22 | लोकशाहीची रेसिपी | गंगाधर मुटे | 4,035 | |
| 14-09-21 | शेतकरी मोरया गीत | गंगाधर मुटे | 5,964 | |
| 22-09-24 | आतातरी होय जागा | भालचंद्र डंभे | 1,108 | |
| 22-09-24 | उनाड वारा | Dr. Rajendra Gawali | 1,395 |
शेतकरी गीत, काव्यगीत
| प्रकाशन दिनांक | शिर्षक | वाचने |
|---|---|---|
| 19-06-2011 | धकव रं श्यामराव | 3,337 |
| 18-06-2011 | कसे अंकुरावे अता ते बियाणे? | 3,430 |
| 18-06-2011 | स्मशानात जागा हवी तेवढी | 3,328 |
| 15-06-2011 | रानमेवा खाऊ चला....! | 3,770 |
| 31-05-2011 | उषःकाल होता होता | 4,213 |
माझी मराठी गझल
| प्रकाशन दिनांक | शिर्षक | वाचने |
|---|---|---|
| 25-04-2013 | नाटकी बोलतात साले! | 12,417 |
| 14-01-2013 | शेरनीच्या जबड्यात ससा (हझल) | 7,470 |
| 28-07-2014 | मढे मोजण्याला | 6,957 |
| 14-09-2014 | ’माझी गझल निराळी’ ला स्व. सुरेश भट स्मृती गझल पुरस्कार | 7,550 |
| 24-06-2014 | समकालीन गझलेत वेगळेपण दाखविणारी गझल | 2,974 |
| प्रकाशन दिनांक | शिर्षक | वाचने |
|---|---|---|
| 23-06-2011 | अभ्यासपूर्ण आणि अस्सल काव्य | 3,151 |
| 23-06-2011 | अनुभवांची शिदोरी आणि सृजनशीलतेची समृद्धी | 3,041 |
| 23-06-2011 | एक “अनुभवसिद्ध रानमेवा" | 2,852 |
"रानमेवा" काव्यसंग्रह
| प्रकाशन दिनांक | शिर्षक | वाचने |
|---|---|---|
| 23-06-2011 | रानमेवा - भूमिका | 53,704 |
| 23-06-2011 | रानमेवा प्रस्तावना - मा. शरद जोशी | 10,860 |
| 23-06-2011 | भावात्म काव्यात्मकतेचा 'गोडवा’ | 3,557 |
| 23-06-2011 | 'सकाळ' 'सप्तरंग पुरवणीत' 'रानमेवा' ची दखल | 5,161 |
| 23-06-2011 | इतके उत्तम भाष्य फ़क्त श्रेष्ठ कवीच करू शकतो | 3,276 |