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| प्रकाशन दिनांक | लेखनस्पर्धा वर्ष | शीर्षक | लेखक | प्रतिसाद | वाचने |
अंतिम अद्यतन |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 14/09/19 | लेखनस्पर्धा-२०१९ | कर्जा तुझ्या भयाने | Rajesh Jaunjal | 1 | 3,221 | 6 वर्षे 5 months |
| 12/09/19 | लेखनस्पर्धा-२०१९ | झाली आज माती | मुक्तविहारी | 2 | 3,233 | 6 वर्षे 5 months |
| 10/09/19 | लेखनस्पर्धा-२०१९ | उजडेल सुंदर पहाटही | Khillare bramhadev | 1 | 3,174 | 6 वर्षे 5 months |
| 09/09/19 | लेखनस्पर्धा-२०१९ | गझल : मरण्याशिवाय आहे? पर्याय का तरी..... | Dhirajkumar Taksande | 5 | 4,907 | 6 वर्षे 5 months |
| 08/09/19 | लेखनस्पर्धा-२०१९ | गझल: कर्जातल्या जिवांच्या नशिबास कोण तारी! | Dhirajkumar Taksande | 7 | 5,481 | 6 वर्षे 5 months |
| 06/09/19 | लेखनस्पर्धा-२०१९ | गर्द हिरव्या रानात | Khillare bramhadev | 1 | 3,339 | 6 वर्षे 5 months |
| 06/09/19 | लेखनस्पर्धा-२०१९ | यावा पाऊस पाऊस | Khillare bramhadev | 1 | 3,393 | 6 वर्षे 5 months |
| 07/09/19 | लेखनस्पर्धा-२०१९ | डोळे आभाळाकडे | Radhika | 2 | 3,974 | 6 वर्षे 5 months |
| 05/09/19 | लेखनस्पर्धा-२०१९ | तुमचं काय गेलं:- मंगेश पाडगावकर व्यंगातून जीवन भाष्य | Kiran dongardive | 1 | 4,959 | 6 वर्षे 5 months |
| 05/09/19 | लेखनस्पर्धा-२०१९ | नक्षली, ग्रामीण आणि जीवन स्पर्शी आयपीएस एक समृद्ध कादंबरी।।, | Kiran dongardive | 1 | 4,133 | 6 वर्षे 5 months |
| 05/09/19 | लेखनस्पर्धा-२०१९ | ना धों महानोर ह्यांच्या कवितेतील रानावनात विरलेली स्त्री | Kiran dongardive | 1 | 8,605 | 6 वर्षे 5 months |
| 04/09/19 | लेखनस्पर्धा-२०१९ | माय पीठ होऊन गळते | Kiran dongardive | 1 | 3,274 | 6 वर्षे 5 months |
| 04/09/19 | लेखनस्पर्धा-२०१९ | मित्र समृद्धी महामार्गा सारखा | Kiran dongardive | 1 | 3,757 | 6 वर्षे 5 months |
| 19/01/19 | लेखनस्पर्धा-२०१८ | उठ शेतकऱ्या, घे मशाल | Komal Bhujbal | 7 | 7,486 | 7 वर्षे 1 month |
| 19/09/18 | लेखनस्पर्धा-२०१८ | मेला कृषक उपाशी | Dr. Ravipal Bha... | 6 | 8,439 | 7 वर्षे 2 months |
| 26/09/18 | लेखनस्पर्धा-२०१८ | आणि तिनं खुरप्याच्या पाठीला धार लावली... | Raosaheb Jadhav | 2 | 5,277 | 7 वर्षे 2 months |
| 09/09/18 | लेखनस्पर्धा-२०१८ | *अस्वस्थ काळ अधोरेखित करणारा - माणसाच्या सोयीचा देव* | Kiran dongardive | 1 | 4,324 | 7 वर्षे 2 months |
| 09/10/18 | लेखनस्पर्धा-२०१८ | शेतमालाच्या भावाची लढाई | तेजराव मुंढे | 1 | 4,099 | 7 वर्षे 2 months |
| 19/09/18 | लेखनस्पर्धा-२०१८ | धोरण | RANGNATH TALWATKAR | 3 | 5,948 | 7 वर्षे 2 months |
| 24/09/18 | लेखनस्पर्धा-२०१८ | हालहाल पोचलेत कुंचल्यातही तुझे | Dhirajkumar Taksande | 5 | 7,238 | 7 वर्षे 2 months |
| 12/09/18 | लेखनस्पर्धा-२०१८ | गर्भार कास्तकारी | Ramesh Burbure | 11 | 10,611 | 7 वर्षे 2 months |
| 21/09/18 | लेखनस्पर्धा-२०१८ | कवडीमोल दाम | मुक्तविहारी | 6 | 8,035 | 7 वर्षे 2 months |
| 23/09/18 | लेखनस्पर्धा-२०१८ | दारिद्र्य | मुक्तविहारी | 2 | 4,541 | 7 वर्षे 2 months |
| 27/09/18 | लेखनस्पर्धा-२०१८ | लढू गड्यांनो | लक्ष्मण खेडकर | 5 | 6,854 | 7 वर्षे 2 months |
| 08/10/18 | लेखनस्पर्धा-२०१८ | रोज नवेच मरण | Sidheshwar Ingole | 4 | 6,636 | 7 वर्षे 2 months |