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| प्रकाशन दिनांक | प्रकार | शिर्षक | लेखक | वाचने | प्रतिसाद |
अंतिम अद्यतन |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 16/09/2021 | लेखनस्पर्धा-२०२१ | गझल : नयनातला पाऊस | Dr. Ravipal Bha... | 8,241 | 13 | 21/11/21 |
| 20/09/2021 | लेखनस्पर्धा-२०२१ | कर तृप्त पावसाने | Dhirajkumar Taksande | 8,428 | 14 | 07/11/21 |
| 06/10/2021 | लेखनस्पर्धा-२०२१ | गझल : पुठ्ठ्यास तख्त केले | Pradip thool | 4,403 | 3 | 07/11/21 |
| 15/10/2021 | लेखनस्पर्धा-२०२१ | तुझ्याविना शेती नाही | RANGNATH TALWATKAR | 3,487 | 1 | 07/11/21 |
| 25/09/2021 | लेखनस्पर्धा-२०२१ | अरे पावसा पावसा | बालाजी कांबळे | 4,645 | 4 | 07/11/21 |
| 19/09/2021 | लेखनस्पर्धा-२०२१ | रानी चा पाऊस अन्- ती | Narendra Gandhare | 7,488 | 13 | 02/11/21 |
| 28/09/2021 | लेखनस्पर्धा-२०२१ | स्वागत आपण करू | kommawar sunita | 4,265 | 1 | 02/11/21 |
| 15/10/2021 | लेखनस्पर्धा-२०२१ | उध्वस्त आज केला माणूस पावसाने! | cdkadam | 3,280 | 1 | 02/11/21 |
| 16/09/2021 | लेखनस्पर्धा-२०२१ | राफेल(गझल) | Rajesh Jaunjal | 4,790 | 5 | 02/11/21 |
| 15/10/2021 | लेखनस्पर्धा-२०२१ | वळीव : प्रा. संजय आघाव यांच्या कवितेतील अस्सल ग्रामीण शब्दरचना | मुक्तविहारी | 4,722 | 4 | 02/11/21 |
विश्वस्तरीय लेखनस्पर्धा : २०१४ ते २०२४
| प्रकाशन दिनांक | शिर्षक | लेखक | वाचने |
|---|---|---|---|
| 27-10-2023 | बळीराजा | अनुराधा कृ धामोडे | 3,130 |
| 26-10-2023 | वरूणा थांब जरासा | Bharati Sawant | 2,945 |
| 26-10-2023 | आत्महत्या | खुशाल दादाराव ग... | 3,733 |
| 25-10-2023 | बळीराजा सुखी भव | Bharati Sawant | 4,244 |
| 14-11-2023 | शेती आणि माती | NILESHDESHMUKH | 16 |
नवीन प्रतिसाद