| माझी कविता | मातृत्वाचा शृंगाररस | गंगाधर मुटे | 14 | 2 years 1 week ago |
| वांगे अमर रहे | हत्या करायला शीक | गंगाधर मुटे | 1 | 3 years 10 months ago |
| वांगे अमर रहे | मा. शरद जोशी यांना वाढदिवसाच्या शुभेच्छा - बरं झालं देवाबाप्पा | गंगाधर मुटे | 12 | 7 years 2 months ago |
| कृषीजगत | एहसान कुरेशी - एक सच्चा शेतकरीपुत्र | गंगाधर मुटे | 1 | 7 years 3 months ago |
| वांगे अमर रहे | शेतकरी पात्रता निकष | गंगाधर मुटे | 2 | 8 years 6 months ago |
| गद्यलेखन | बाळ | बेफिकीर | 4 | 9 years 1 month ago |
| काव्यधारा | एवढा मोठा नांगूर... | नांगूर | 8 | 14 years 9 months ago |
| शेतकरी संघटना | प्रस्तावित सिलींग कायदा हेच शेतीवरचे मोठे संकट - शरद जोशी | संपादक | 4 | 14 years 9 months ago |
| शेतकरी विचारमंथन | गरीबी कशामुळे? | पाखरू | 9 | 15 years 3 months ago |
| गद्यलेखन | ‘होऊ दे रे आबादानी’च्या निमित्ताने | डॉ.श्रीकृष्ण राऊत | 6 | 15 years 3 months ago |