

| Type | Title | Author | Replies | Last updated |
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| लेखनस्पर्धा-२०१६ | बोले लेक | Pradnya | 2 | 10 years 2 weeks ago |
| लेखनस्पर्धा-२०१६ | बाप आता शेतात येत नाही | संदीप हरी नाझरे | 2 | 10 years 1 month ago |
| लेखनस्पर्धा-२०१६ | अवकाळी विळखा एक आश्वासक कथासंग्रंह | संदीप हरी नाझरे | 1 | 10 years 2 months ago |
| लेखनस्पर्धा-२०१६ | गुना | संदीप हरी नाझरे | 1 | 10 years 2 months ago |
| लेखनस्पर्धा-२०१६ | जीवाभावाचा पाखर्या | संदीप हरी नाझरे | 1 | 10 years 2 months ago |