रानमेवा प्रकाशित काव्यसंग्रह

प्रकाशन दिनांक शीर्षक लेखक वाचने
02-07-2011 ‘रानमेवा’ पुस्तक प्रकाशन समारंभ गंगाधर मुटे 3,828
23-06-2011 गंगाधर मुटेंचा काव्यमेवा - कवितेचा परिचय बेफिकीर 1,746
24-06-2011 रानमेवाची दखल संपादक 1,227
23-06-2011 रानमेवा - भूमिका गंगाधर मुटे 3,226
23-06-2011 रानमेवा प्रस्तावना - मा. शरद जोशी संपादक 3,662
23-06-2011 भावात्म काव्यात्मकतेचा 'गोडवा’ प्रा. मधुकर पाटील 1,189
23-06-2011 'सकाळ' 'सप्तरंग पुरवणीत' 'रानमेवा' ची दखल संपादक 1,735
23-06-2011 इतके उत्तम भाष्य फ़क्त श्रेष्ठ कवीच करू शकतो वामन देशपांडे 1,063
23-06-2011 काळ्या मातीचा गंध शब्दाशब्दांतून जाणवतो. डॉ.श्रीकृष्ण राऊत 1,102
23-06-2011 सर्वच कविता वाचनीय मुकुंद कर्णिक 1,112
23-06-2011 विचार- सरणीचं अचूक दर्शन छाया देसाई 921
23-06-2011 चाकोरीबाहेरचं लिहायचा प्रयास गिरीश कुलकर्णी 1,062
23-06-2011 लिखाणामधे खूप विविधता स्वप्नाली 1,021
23-06-2011 सडेतोड लेखणीतून वास्तवचित्र डॉ भारत करडक 975
23-06-2011 लिखाण अतिशय प्रामाणिक जयश्री अंबासकर 1,016
23-06-2011 अभ्यासपूर्ण आणि अस्सल काव्य अनिलमतिवडे 908
23-06-2011 अनुभवांची शिदोरी आणि सृजनशीलतेची समृद्धी अलका काटदरे 1,012
23-06-2011 एक “अनुभवसिद्ध रानमेवा" प्रकाश महाराज वाघ 939
22-06-2011 माय मराठीचे श्लोक...!! गंगाधर मुटे 1,071
22-06-2011 बळीराजाचे ध्यान ....!! गंगाधर मुटे 2,080

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